हीरो की कहानियां (अमित चटर्ज)

     गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी से हुई एक मुलाकात ने ही अमित चटर्जी को पूर्णत: बदल दिया था। पहले वह जीवन के बारे में समान्य उद्देश्य रखने वाले एक युवा थे। लेकिन इस रूप से लेकर शुरू हुई परिवर्तन यात्रा ने उन्हें एक ऐसे युवा के रूप में परिवर्तित कर दिया, जिसने ग्रामीण पश्चिमी बंगाल के सशक्तीकरण को अपना लक्ष्य बना लिया है। अमित ने वाईएलटीपी में भाग लिया। फिर 2010 में आर्ट आॅफ लिविंग के शिक्षक बन गए। इसने उन्हें परिवर्तन का एक साधन बनने के लिए पूरी तरह से तैयार कर दिया। अमित वर्धमान जिले के बुदबुद गांव में रहते हैं। यहां पर श्री श्री ज्ञानमंदिर बनाने मंे उन्होंने अहम भूमिका निभाई है।

15 छात्रों के साथ शुरू किया गया यह विद्यालय अब 200 से अधिक छात्रों को शिक्षा प्रदान कर रहा है। जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने के लिए ग्रामीण पश्चिमी बंगाल के विभिन्न हिस्सों में अनेक वेद विज्ञान महाविद्यापीठ विद्यालयों की स्थापना के कार्यों में भी वह शामिल रहे हैं। सन् 2011 मंे उज्ज्वल महतो के साथ मिलकर उन्होंने पश्चिमी बंगाल के रेड जोन में कार्य किया।

मार्च 2013 में उन्होंने पुरुलिया में गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी के प्रथम आगमन पर वाईएलटीपी टीम के साथ इस कार्य के आयोजन के लिए अथक प्रयास किए। इस कार्यक्रम में लाखों लोग उपस्थित हुए। वर्ष के अंत में वह वाईएलटीपी के मास्टर ट्रेनर बन गए। रामदास भट्टाचार्य एवं कुणाल राय के साथ मिलकर उन्होंने सैकड़ों युवाओं को प्रशिक्षित किया। हैप्पनीसे प्रोग्राम, येस प्लस, उत्कर्ष योग, मेधा योग 1, अपने बच्चों को जानें, अपने वयस्क बच्चों को जानिए आदि आर्ट आॅफ लिविंग के विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन के लिए वह पश्चिम बंगाल के भीतरी क्षेत्रांें में व्यापक स्तर पर यात्रा करते हैं। पिछले दो वर्षों से पूरी टीम राज्य मंे युवा नेतृत्व की क्रांति ला रही है। उनकी कार्यशालाओं के माध्यम से युवा स्वयं में बहुत बड़े परिवर्तन का अनुभव करते हैं। वह समाज सेवा का संकल्प लेते हैं। सेवा करने के लिए प्रेरित बहुत से लोग नवचेतना शिविर, बालचेतना शिविर के आयोजनों द्वारा आर्ट आॅफ िलविंग के आंतरिक भाव संदेश फैलाने का कार्य करते हैं।

इसके अलावा किसानों, नशा करने वालों एवं सशस्त्र लोगों के समुदायों के बीच भी अनेक जागरूकता पैदा करने वाले कैंप लगाए जाते हैं। वह राज्य में आदर्श गांव बनाने के कार्य में भी सक्रिय रूप से जुटे हैं। वह टीम बनाकर काम करने को सफलता का मंत्र मानते हैं। आज अमित हजारों युवाओं के लिए एक सच्ची प्रेरणा हैं। उनके जीवन में एक ही धुन है- राष्ट्र के युवाओं के मध्य देशभक्ति एवं आध्यात्मिकता की भावना फैलाना।