हादसे में घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने के लिए एप

     भुवनेश्वर (ओडिशा)। हादसे में घायल लोगों को अगर तत्काल अस्पताल पहुंचाया जाए तो उनमें से कई की जान बचाई जा सकती है। इस समय को ‘गोल्डन आॅवर्स’ यानी सुनहरा समय कहा जाता है। इसका मतलब यही है कि दुर्घटना के बाद प्रशिक्षित और सुरक्षित तरह से सही तरीके से जल्द से जल्द घायलों को अस्पताल ले जाना है। इस महत्वपूर्ण अवधारणा को प्रसारित करने के लिए आर्ट ऑफ लिविंग ने 11 जनवरी, 2019 से भुवनेश्वर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता एवं हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है। यह अभियान सड़क सुरक्षा के अति महत्वपूर्ण मुद्दे और सड़क पगडंडियाें को सुरक्षित बनाने में आम लोगों की भूमिका से जुड़ा है।

स्वयंसेवकों ने लोगों को बहुत ही उपयोगी मोबाइल एप जी-1 (जीवन) से परिचित करवाया है। इसे आर्ट ऑफ लिविंग ने निजी कंपनी के सहयोग से तैयार किया है। जी-1 तीन उत्तरदाताओं को एक ही मंच पर साथ लाता है।

यह हैं दुर्घटना स्थल के निकट मौजूद प्रशिक्षित उत्तरदाता, एम्बुलेंस सेवा और निकटतम सरकारी या निजी मानक अस्पताल। एक बार एप इन्स्टॉल करने के बाद जब इसे जरूरत पड़ने पर आपातकाल की जगह पर खोला जाता है तो स्वयंसेवक प्रशिक्षण के अनुसार प्राथमिक उपचार देते समय एप को क्रियान्वित कर निकटतम 108 या निजी एम्बुलेंस सेवा को सचेता करता है। साथ ही साथ उत्तरदाता अस्पताल को भी सचेत करेगा कि दुर्घटना- पीड़ित इस विशिष्ट स्थान से आनेवाला है। विभिन्न सेवाओं के प्रदाताओं को सचेत करने के लिए जी.पी.एस. का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा यदि दुर्घटना-पीड़ित के मोबाइल से कॉल की जाती है तो पहले से एकत्रित की गई मेडिकल जानकारी जैसे डायबिटीज, ब्लड-प्रेशर इत्यादि के बारे में अस्पताल को खुद ही सूचना मिल जाएगी। यह जानकारी उपचार के समय काम आएगी। अभियान के अगले चरण में 1500 स्वयंसेवकों, जिनमें 18 से 45 आयु वर्ग के छात्र, समुदाय स्वयंसेवक और गतिविधि आधारित क्लब शामिल हैं, को आपातकालीन प्रथम उत्तरदाता मापक का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

सप्ताह भर चलनेवाले इस अभियान द्वारा जन-साधारण तक पहुंचकर उन्हें जी-1 एप की जानकारी दी जाएगी और सड़क-सुरक्षा मापक, हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट का उपयोग करने के बारे में शिक्षित किया जाएगा। 18 से 20 दिसम्बर तक 23 प्रतिभागियों के लिए 3 दिन का प्रशिक्षक प्रशिक्षण संचालित किया गया। कार्यक्रम के स्नातकों को, जो प्रशिक्षक के योग्य बन पाए, उन्हें समारोह में प्रमाण-पत्र दिए गए। इस कार्यक्रम में भुवनेश्वर के विधायक प्रियदर्शन मिश्रा मुख्य अतिथि थे। अन्य उच्च पदाधिकारियों ने भी इस अवसर की शोभा बढ़ाई। संपूर्ण अभियान और उसके विभिन्न कार्यक्रमों को विमल कुमार, राज्य को ऑर्डिनेटर और ज्योति रंजन महापात्रा, राज्य मुख्य प्रशिक्षक ने समन्वित किया।

वह और उनकी समर्पित टीम इस महत्वपूर्ण मिशन को पूरे ओडिशा में ले गए। अकेले भुवनेश्वर में ही एक लाख स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण दिया गया। उनकी प्रतिबद्धता और सक्रियता के साथ वह आशा करते हैं कि वे लोगों को एक साथ कर पाएंगे और देश के अन्य राज्यों में भी इसी प्रकार के बहुमुखी अभियान आयोजित कर पाएंगे। भारत दुर्घटनाओं की उच्च दर का साक्षी है। इस तरह की पहल द्वारा स्वयंसेवक आशा करते हैं कि वे प्रत्येक संभावित जीवन को सुरक्षित कर पाएंगे, क्योंकि एक जीवन सुरक्षित हुआ तो एक परिवार सुरक्षित हुआ।

नोट: अपने राज्य में भी ऐसा ही अभियान संचालित करने के लिए राज्य कोऑर्डिनेटर विमल कुमार को फोन नंबर 97767 26470 और राज्य मुख्य प्रशिक्षक ज्योति रंजन महापात्रा को फोन नंबर 90404 79562 पर संपर्क क