संक्षिप्त समाचार

नववर्ष पर गरीबों को बांटे गर्मवस्त

     हुगली (पश्चिम बंगाल)। जैसे ही तेज हवाएं चलीं और पारा लुढ़का, आर्ट ऑफ लिविंग के स्वयंसेवक तरुण सरदार और उनकी टीम 1 जनवरी को दांत किटकिटाने वाली सर्दी में आस-पास ठिठुर रहे लोगों को ठंड से बचाने के लिए कंबल बांटने निकल पड़े। टीम ने गांव के घर-घर जाकर 100 से अधिक कंबल बांटे। तरुण कहते हैं, ‘मानवता से बढ़कर कोई सेवा नहीं। विशेषतौर पर सर्दी में गरीबों-असहायों तक पहुंचना।

बीरभूम में 200 कंबल बांटे गए

     बीरभूम (पश्चिम बंगाल)। 3 जनवरी को आर्ट आॅफ लिविंग के स्वयंसेवकों ने रामपुरहाट के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल एवं रामपुर हाल्ट रेलवे स्टेेशन के आसपास के इलाकों में गरीब और जरूरतमंद लोगों को 200 कंबल बांटे।

विलुप्त होती जा रही जनजाति की मदद रांची (झारखंड)।

     झारखंड की बिरहोर जनजाति विलुप्त होने के कगार पर है। इस वर्ष सर्दी के मौसम मंे तीव्रता से गिरते तापमान ने उनकी स्थिति को और भी बिगाड़ दिया। राजेंद्र इंस्टीट्यूट आॅफ मेडिकल साइंस रांची में इलाज करवा रहे इन लोगों के पास आर्ट आॅफ लिविंग की बीकाॅन ग्राम पंचायत की फील्ड टीम पहुंची और उन्हें कंबल वितरित किए। झारखंड में इन दिनों पड़ रही अत्यधिक सर्दी के मद्देनजर टीम ने धनराशि एकत्रित की है, ताकि रांची, खूंटी, बोकारो, पूर्वी सिंहभूमि, सराय केला तथा अन्य क्षेत्रों में कंबल वितरित किए जा सकें। अबतक इस अभियान के तहत 575 कंबल वितरित किए जा चुके हैं। टीम में आर्ट आॅफ लिविंग अपेक्स बाॅडी के चेयरमैन डी.के. सिन्हा, प्रवीण कुमार, अनुकृति, रविशंकर, किशोर एवं अन्य स्वयंसेवक शामिल थे |

जरूरत की चीजें आपस में बांटना भी देखभाल है

सूरत (गुजरात)। जरूरत की सामग्री दूसरों के साथ बांटना भी एक तरह से उनकी सेवा करने जैसा ही है। 18 जनवरी 2019 को आर्ट आॅफ लिविंग के सूरत क्लब की महिलाएं वरदोली के हालपट्टी सेवा संघ आश्रम में भारी मात्रा में जरूरत की सामग्री लेकर पहुंची। ताकि विद्यालय में पढ़ रहे जनजातीय परिवारों के 245 बच्चों का जीवन कुछ आरामदायक हो सके। भेंट सामग्री में अलमारियां, कुर्सियां, स्प्रे, चद्दरें, तकिया, गिलास, किचन बर्नर, बर्तन, छत के पंखे, ट्यूब लाइट, बच्चों के कपड़े एवं बाल्टी इत्यादि शामिल थे। यह सब क्लब के सदस्यों की ओर से दान में दिया गया था।