प्रोजेक्ट भारत क्रांति की एक आवाज

▶पूरे भारत में 35,00,000 प्रतिनिधि बनाने का संकल्प, अपने गांव और वार्ड को आदर्श बनाने के लिए यह आर्ट ऑफ लिविंग के सभी विभागों के साथ काम करेंगे।

     बेंगलुरू (कर्नाटक)। आर्ट आॅफ लिविंग ने 20 दिसम्बर, 2018 से 20 जनवरी, 2019 तक एक महीना ‘प्रतिनिधि माह’ के रूप मंे मनाया। यह आयोजन सामाजिक विकास के लिए आर्ट आॅफ लिविंग की पहल ‘प्रोजेक्ट भारत’ का ही एक हिस्सा था। इस आयोजन के तहत 24 से 27 जनवरी तक राष्ट्रीय स्तर पर नवचेतना शिविर अयोजित किए गए। इसके समापन दिवस पर स्वयं गुरुदेव ने प्रतिनिधियों को सम्बोधित किया। गत वर्ष जून के मध्य में गुरुदेव ने प्रोजेक्ट भारत का शुभारम्भ किया था। इसका लक्ष्य पूरे भारत के 7 लाख गांवों के प्रत्येक घर में शांति, सौहार्द्र एवं समृद्धि लाना है।

     इस परियोजना के तहत प्रत्येक गांव से 5-10 व्यक्तियों को प्रतिनिधि के तौर पर चुना जाएगा। यह प्रतिनिधि अपने गांव या वार्ड को आदर्श गांव में परिवर्तित करने के लिए आर्ट आॅफ लिविंग के विभिन्न कार्यक्षेत्रों के साथ हाथ मिलाकर काम करेंगे।

गुरुदेव कहते हैं- यदि प्रत्येक गांव के पांच व्यक्ति अपने गांव को समृद्ध बनाने का निश्चय करते हैं और अपने क्षेत्र को आध्यात्मिक रूप से मजबूत, शांतिपूर्ण और प्रसन्नचित्त समुदाय बनाने के लिए कृत संकल्पित हों, तो देश में एक बहुत बड़ी क्रांति आएगी।

     विदेशी उपभोक्ता उत्पाद आज हमारे गांवों तक में बेचे जा रहे हैं। ग्रामीण बाजार शहरी बाजार से दोगुना तेजी से बढ़ रहा है। गांव के युवाओं को एक सक्रिय भूमिका निभाते हुए अपने आसपास के लोगों को बताना चाहिए कि विदेशी उत्पाद खरीदने से अपने देश को किस प्रकार आर्थिक रूप से हानि हो रही है। जमीन की उर्वरा शक्ति बचाने और लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए किसानों को कृषि के प्राकृतिक तौर-तरीके अपनाने चाहिए। किसानों को लगातार इसके लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। हमारे पर्यावरण, भूमि, जल स्रोतों एवं वन जीवन के संरक्षण की दिशा में कदम उठाने की जरूरत है। यह उत्तरदायित्व उठाने के लिए आर्ट आॅफ लिविंग की सहायता से प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित किया जा सकता है।

     व्यक्ति विकास केंद्र के चेयरमैन कोमोडर एचजी हर्ष कहते हैं, ‘700 से अधिक जिले, 5410 से अधिक तालुका और 6,49,000 से अधिक गांवों तक पहुंचना और 35 लाख से अधिक प्रतिनिधि तैयार करना एक विशालकाय कार्य है। इसे वास्तविकता में परिवर्तित करने के लिए आर्ट आॅफ लिविंग के शिक्षक और स्वयंसेवक अथक परिश्रम कर रहे हैं। हमें पूर्णविश्वास है कि इस साल के आखिरी तक हम अपना लक्ष्य पूरा कर लेंगे।’ अभी तक 70% तालुका में सेवा योद्धा (100 गांवों के समूह का नेतृत्व करने वाले तलुका स्तर के प्रतिनिधि) नियुक्त किए जा चुके हैं। पूरे भारत के हजारों गांवों में प्रोजेक्ट भारत के तहत लगभग 1 लाख प्रतिनिधि चुने गए हैं। वाईएलटीपी के राष्ट्रीय निदेशक देबज्योति मोहंती कहते हैं, ‘गुरुदेव के सामाजिक विकास के प्रयासों को भारत के सभी साढ़े छह लाख से अधिक गांवों में अंतिम आदमी तक पहुंचाना ही प्रोजेक्ट भारत का उद्देश्य है।’