‘एक साल तुम्हारा, सुंदर देश हमारा’ - गुरुदेव श्री श्री रविशंकर

     आज से 37 वर्ष पूर्व गुरुदेव श्री श्री रविशंकर ने एक दूरदर्शी यात्रा शुरू की थी। इस यात्रा का उद्देश्य हर एक व्यक्ति को तनाव मुक्त करना, हर घर और समुदाय को हिंसा से मुक्त करना और हर चेहरे पर मुस्कुराहट लाना था। अपने इस विचार को वास्तविकता में परिवर्तित करने के लिए उन्होंने भारत के धरातल यानी गांवों के स्तर पर जाकर काम करने का निर्णय लिया। उन्होंने 5एच कार्यक्रम शुरू किया। मानवीय विकास के अनेक पहलू इसमें समाहित हैं। स्वास्थ्य में सुधार, स्वच्छता के प्रति संवेदन, ‘वी केयर वी शेयर’ के सिद्धांत पर आवासों का निर्माण करना, मानवीय मूल्यों का प्रसार करना और अनेकता में एकता को स्थापित करना इनमें शामिल हैं।

गुरुदेव के अथक और कुशल प्रयासों ने हजारों ऊर्जावान स्वयंसेवकों को प्रेरित किया और वह भारत के एक लाख गांवों तक पंहुच गए। यह सब आध्यात्मिकता के आधार पर था। अपनी इस यात्रा को और आगे बढ़ाने के लिए ही गुरुदेव ने जून 2018 में प्रोजेक्ट भारत शुरू किया। इस प्रोजेक्ट के तहत आर्ट आॅफ लिविंग के स्वयंसेवकों को भारत के सभी 6.5 लाख गांवों तक पंहुचना है। हर गांव में कम से कम 5 ग्राम प्रतिनिधियों को नियुक्त करना है। वह लोग गांव के विकास के लिए आवश्यक और आधारभूत जरूरतों को चिह्नित करेंगे।

इन जरूरतों को पूरा करने के लिए वह लोग 5एच के सिद्धांतों के अनुरूप वृहद स्तर पर कार्य करेंगे। जैसा कि गुरुदेव कहते हैं, ‘संकल्प एक शक्ति है।’ इसी संकल्प को लेकर स्वयंसेवक पिछले कुछ महीनों में ही अपने अथक प्रयासों से एक लाख और गांवों तक पंहुच गए। जैसे-जैसे स्वयंसेवकों ने नए प्रतिनिधियों को चुनना आरंभ किया और उन्हें उनकी भूमिकाएं समझाईं, उसके साथ-साथ अन्य प्रतिनिधियों ने विकास की गतिविधियां आरंभ कर दीं। इनमें गांव का आंतरिक विकास, योग, कृषि, आयुर्वेद और वैदिक ज्ञान का प्रसार प्रमुख हैं।

प्रोजेक्ट भारत को एक लोकतांत्रिक माध्यम के रूप में लोग आत्मसात कर रहे हैं। पूरे भारत में जनवरी माह में सभी नए प्रतिनिधियों का पूरे दिल से स्वागत किया गया। 27 जनवरी को पूरे भारत में एकत्रित हुए 60,000 प्रतिनिधियांे को आॅनलाइन संबोधित करते हुए गुरुदेव ने मूल्यपरक, आध्यात्मिक और कुशलता वर्धक शिक्षा पर जोर दिया। उन्होंने सबका समग्र रूप से आह्वान किया कि 2021 तक पैंतीस लाख प्रतिनिधि बनाएं और योग एवं उद्योग के सामूहिक प्रयासों से ‘सुशिक्षित, सुरक्षित, स्वच्छ भारत’ का निर्माण करें। आइए, हम सब मिलकर इसे पूरे समर्पण, संकल्प और श्रद्धा भाव के साथ संभव बनाएं।